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पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में अब नहीं सताà¤à¤—ा कमर दरà¥à¤¦, अपनाà¤à¤‚ ये तरीके
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में कमर दरà¥à¤¦ होना à¤à¤• आम बात है लेकिन कà¥à¤› घरेलू तरीकों की मदद से आप इस परेशानी से निजात पा सकती हैं। पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ चरण में जी मितली, उलà¥â€à¤Ÿà¥€ या मॉरà¥à¤¨à¤¿à¤‚ग सिकनेस होती है जो कि दूसरी तिमाही तक कम à¤à¥€ हो जाती हैं लेकिन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में पीठदरà¥à¤¦ की समसà¥â€à¤¯à¤¾ डिलीवरी तक बनी रहती है। à¤à¤¸à¥‡ में घरेलू तरीकों से इसे कम करना आपके लिठआरामदायक साबित हो सकता है।
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गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में आमतौर पर महिलाओं को कमर दरà¥à¤¦ की शिकायत रहती है। हालांकि, à¤à¤¸à¤¾ होना सामानà¥â€à¤¯ बात है। हर महिला को गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान थोड़ा या जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कमर दरà¥à¤¦ होता ही है। वैसे तो ये समसà¥â€à¤¯à¤¾ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के किसी à¤à¥€ चरण में हो सकती है, लेकिन पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के आखिरी चरणों में à¤à¤¸à¤¾ जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देखा जाता है।
रिपोरà¥à¤Ÿ की मानें तो गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ के दौरान 50 से 70 फीसदी महिलाओं को कमर दरà¥à¤¦ महसूस होता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में कई कारणों से पीठदरà¥à¤¦ हो सकता है। अधिक वजन या गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ से पहले कमर दरà¥à¤¦ से गà¥à¤°à¤¸à¥â€à¤¤ महिलाओं में पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के दौरान पीठदरà¥à¤¦ का खतरा जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ रहता है।
कमर दरà¥à¤¦ की वजह से रोजमरà¥à¤°à¤¾ के काम करने और अचà¥â€à¤›à¥€ नींद लेने में à¤à¥€ दिकà¥â€à¤•त हो सकती है। अगर आप à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥â€à¤¨à¥‡à¤‚ट हैं और कमर दरà¥à¤¦ आपको परेशान कर रहा है तो जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ परेशान होने की जरूरत नहीं है। कà¥à¤› आसान से तरीकों की मदद से इससे निजात पा सकती हैं।
30 के बाद मां बनने पर पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में हो सकते हैं ये 5 कॉमन कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¿à¤•ेशनà¥à¤¸
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30 की उमà¥à¤° के बाद पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट होना नामà¥à¤®à¤•िन नहीं है लेकिन 20 से 30 की उमà¥à¤° में पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट होने वाली महिलाओं की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में 30 की उमà¥à¤° के बाद पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट होने वाली महिलाओं को कà¥à¤› मà¥à¤¶à¥à¤•िलों का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान आपको घबराने या पैनिक होने की जरूरत नहीं है। बस पहले से खà¥à¤¦ को तैयार रखने की जरूरत है ताकि आपकी पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी पूरी तरह से सà¥à¤®à¥‚थ रहे और आपको किसी तरह का कॉमà¥à¤ªà¥à¤²à¤¿à¤•ेशन ना हो।
1-
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के 37वें हफà¥à¤¤à¥‡ से पहले अगर किसी बचà¥à¤šà¥‡ का जनà¥à¤® होता है तो उसे पà¥à¤°à¥€à¤®à¤šà¥à¤¯à¥‹à¤° डिलिवरी या पà¥à¤°à¥€-टरà¥à¤® लेबर की कैटिगरी में रखा जाता है। ये à¤à¤• गंà¤à¥€à¤° जटिलता है कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि बचà¥à¤šà¥‡ का अगर समय से पहले जनà¥à¤® हो जाठतो उसे सेहत से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ मà¥à¤¶à¥à¤•िलें हो सकती हैं कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि गरà¥à¤ में रहने के दौरान उसका जितना और जिस तरह से विकास होता है, वह समय से पहले डिलिवरी होने की वजह से नहीं हो पाà¤à¤—ा। लिहाजा आपको अपने शरीर में दिखने वाले कà¥à¤› संकेतों पर समय रहते धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना चाहिठताकि पà¥à¤°à¥€-टरà¥à¤® लेबर के खतरे को रोका जा सके। अगर डà¥à¤¯à¥‚ डेट से पहले ही ये लकà¥à¤·à¤£ जैसे- कà¥à¤°à¥ˆà¤®à¥à¤ªà¥à¤¸, फà¥à¤²à¥‚इड डिसà¥à¤šà¤¾à¤°à¥à¤œ, वजाइना से बà¥à¤²à¤¡ का फà¥à¤²à¥‹, पीठमें दरà¥à¤¦ आदि नजर आठतो तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें।
2-
30 से 40 साल के बीच पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट होने वाली महिलाओं में जेसà¥à¤Ÿà¥‡à¤¶à¤¨à¤² डायबीटीज यानी पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान होने वाली डायबीटीज का खतरा बढ़ जाता है और करीब 5 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ मामलों में इसका खतरा रहता है। अगर किसी महिला को डायबीटीज नहीं à¤à¥€ है तब à¤à¥€ पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान उनका बà¥à¤²à¤¡ शà¥à¤—र लेवल बढ़ सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में अगर आपको पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान बार-बार बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पà¥à¤¯à¤¾à¤¸ या à¤à¥‚ख लगे, या बार-बार यूरिन पास करने के लिठटॉइलट जाना पड़े तो आपको अपना शà¥à¤—र टेसà¥à¤Ÿ करवाना चाहिà¤à¥¤ अगर पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान डायबीटीज के खतरे का पता न चले तो होने वाले बचà¥à¤šà¥‡ का जनà¥à¤® समय से पहले हो सकता है, जनà¥à¤® के वकà¥à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ का वजन अधिक हो सकता है या फिर होने वाले बचà¥à¤šà¥‡ को टाइप 2 डायबीटीज होने का à¤à¥€ खतरा रहता है।
3-
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान अगर हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° की दिकà¥à¤•त हो जाठतो यह गंà¤à¥€à¤° खतरा हो सकता है और इससे शरीर के बाकी अंगों को à¤à¥€ नà¥à¤•सान का खतरा रहता है और इस परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ को ही पà¥à¤°à¥€à¤•à¥à¤²à¥ˆà¤®à¥à¤ªà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ कहते हैं। अगर आपको शरीर में ये लकà¥à¤·à¤£ दिखें जैसे- हाथ और पैर में जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ सूजन, वॉटर रिटेंशन, जी मिचलाना और सिरदरà¥à¤¦, देखने में परेशानी, सांस लेने में दिकà¥à¤•त आदि तो इनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ गंà¤à¥€à¤°à¤¤à¤¾ से लें और तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। 30 से 40 की उमà¥à¤° में पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट होने पर पà¥à¤°à¥€à¤•à¥à¤²à¥ˆà¤®à¥à¤ªà¥à¤¸à¤¿à¤¯à¤¾ का रिसà¥à¤• बढ़ जाता है जिससे होने वाली मां के साथ-साथ बचà¥à¤šà¥‡ को à¤à¥€ कई तरह का खतरा हो सकता है।
4-
अगर जनà¥à¤® के वकà¥à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ का वजन 2.5 किलोगà¥à¤°à¤¾à¤® से कम है तो उस बचà¥à¤šà¥‡ को लो-बरà¥à¤¥ वेट बेबी यानी कम वजन वाला बचà¥à¤šà¤¾ माना जाता है। आमतौर पर जिन बचà¥à¤šà¥‹à¤‚ का जनà¥à¤® समय से पहले हो जाता है उनमें यह दिकà¥à¤•त जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देखने को मिलती है। 30 की उमà¥à¤° के बाद पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट होने पर होने वाले बचà¥à¤šà¥‡ में यह दिकà¥à¤•त हो सकती है। लिहाजा अपनी गाइनैकॉलजिसà¥à¤Ÿ से बात करें और वह जैसा सà¥à¤à¤¾à¤µ दें उसके अनà¥à¤¸à¤¾à¤° ही काम करें।
5-
अगर 35 साल की उमà¥à¤° के बाद कोई महिला पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚ट होती है तो उनमें à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤• यानी असà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¿à¤• पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी होने का खतरा काफी बढ़ जाता है। इस समसà¥à¤¯à¤¾ में फरà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¾à¤‡à¤œà¥à¤¡ à¤à¤—, यूटà¥à¤°à¤¸ यानी गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ के अंदर नहीं बलà¥à¤•ि बाहर अटैच हो जाता है और इस वजह से वह à¤à¥à¤°à¥‚ण पूरी तरह से विकसित नहीं हो पाता और आखिरकार मिसकैरेज का खतरा बढ़ जाता है। à¤à¤¸à¥‡ में अगर पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ दिनों में आपको हद से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ कमजोरी, चकà¥à¤•र आना, सिर घूमना, शरीर के à¤à¤• तरफ तेज दरà¥à¤¦ महसूस हो और थोड़ा बहà¥à¤¤ वजाइनल बà¥à¤²à¥€à¤¡à¤¿à¤‚ग नजर आठतो इन लकà¥à¤·à¤£à¥‹à¤‚ को नजरअंदाज करने की बजाठà¤à¤• बार अपना चेकअप जरूर करवा लें।
à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में नियमित à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करने से पीठदरà¥à¤¦ कम हो सकता है। आप बà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥â€à¤• वॉक, तरौकी या हलà¥â€à¤•े वà¥â€à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® कर सकती हैं। शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में आपको हलà¥â€à¤•ी à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ ही करनी चाहिà¤à¥¤ पहले 10 मिनट à¤à¤•à¥â€à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करें और फिर धीरे-धीरे इस समय को बढ़ाते रहें। इस समय योग, पिलाटेस, ताई ची या रिलैकà¥â€à¤¸à¥‡à¤¶à¤¨ कà¥â€à¤²à¤¾à¤¸à¥‡à¤¸ से à¤à¥€ मदद मिलेगी। योग और पिलाटेस से मांसपेशियां मजबूत होती हैं, जिससे की कमर को सहारा मिलता है।
मालिश
मालिश से मांसपेशियों को राहत मिलती है जिससे पीठदरà¥à¤¦ से राहत पाने में मदद मिल सकती है। हलà¥â€à¤•े हाथों से मालिश करने के अलावा ठंडी या गरà¥à¤® सिकाई à¤à¥€ इसमें फायदेमंद साबित हो सकती है।
सही मà¥à¤¦à¥à¤°à¤¾ या पोजीशन अपनाà¤à¤‚
आपके बैठने और उठने का तरीका à¤à¥€ पीठदरà¥à¤¦ को कम कर सकता है। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में सही पोजीशन में बैठने और लेटने की कोशिश करें। बैठने पर पीठके पीछे à¤à¤• नरम तकिया लगाà¤à¤‚ और लेटते समय बाईं करवट लेकर लेटें। लेटते समय दोनों पैरों के बीच तकिया लगाने से à¤à¥€ आराम मिलता है।
à¤à¤°à¥‹à¤®à¤¾à¤¥à¥‡à¤°à¥‡à¤ªà¥€
आप लैवेंडर ऑयल से à¤à¤°à¥‹à¤®à¤¾à¤¥à¥‡à¤°à¥‡à¤ªà¥€ बाथ ले सकती हैं। पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में यह सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ होता है और इससे मांसपेशियों में दरà¥à¤¦ से राहत पाने में à¤à¥€ मदद मिल सकती है। अपने नहाने के पानी में अंगूर के बीज के तेल में लैवेंडर ऑयल की दो से तीन बूंदें डालकर नहाà¤à¤‚। इसके अलावा लैवेंडर ऑयल की दो से तीन बूंद मिले गà¥à¤¨à¤—à¥à¤¨à¥‡ पानी में à¤à¤• कपड़े को à¤à¤¿à¤—ोकर सिकाई करने से à¤à¥€ पीठदरà¥à¤¦ से राहत मिलती है।
इन बातों का à¤à¥€ धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखें
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के दौरान जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ तंग कपड़े पहनने से बचें और अधिक à¤à¤¾à¤°à¥€ सामान न उठाà¤à¤‚।
लेटी या बैठी हैं तो à¤à¤• दम से à¤à¤Ÿà¤•े से न उठें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥â€à¤¥à¤¾ में पैरों पर जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वजन न पड़ने दें और जà¥â€à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ देर तक खड़े रहने की à¤à¥€ गलती न करें।
पीठके बल à¤à¥à¤•े नहीं और आरामदायक जूते व चपà¥â€à¤ªà¤² पहनें।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में पीठदरà¥à¤¦ से राहत पाने के लिठआप मेटरनिटी बेलà¥â€à¤Ÿ पहन सकती हैं। यह बेलà¥â€à¤Ÿ पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी में बढ़े पेट का à¤à¤¾à¤° आसानी से संà¤à¤¾à¤² लेती है जिससे आपको पीठदरà¥à¤¦ में कमी महसूस होती है।
पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी में पीठदरà¥à¤¦ होना आम बात है, लेकिन कà¥à¤› बातों का धà¥â€à¤¯à¤¾à¤¨ रखकर आप इस परेशानी को कम या खतà¥â€à¤® कर सकती हैं। अगर आपको पà¥à¤°à¥‡à¤—à¥à¤¨à¥‡à¤‚सी के आखिरी चरण में कमर में बहà¥à¤¤ तेज दरà¥à¤¦ महसूस हो रहा है तो यह समय से पहले डिलीवरी का संकेत हो सकता है। à¤à¤¸à¥‡ में तà¥à¤°à¤‚त डॉकà¥â€à¤Ÿà¤° से संपरà¥à¤• करें। यदि आपको ऊपर बताठगठतरीकों से à¤à¥€ कमर दरà¥à¤¦ से राहत नहीं मिल रही है तो इस सà¥à¤¥à¤¿â€à¤¤à¤¿ में à¤à¥€ चिकितà¥â€à¤¸à¤• से परामरà¥à¤¶ लेना जरूरी है।
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